फ्लाईदुबई कॉकपिट घटना: यात्रियों ने पुलिस कार्रवाई की मांग की

Blog
 Image

नई दिल्ली। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में 30 सितंबर को हुई सनसनीखेज कॉकपिट घटना का नया वीडियो फुटेज सामने आया है। वीडियो में कॉकपिट के बाहर का वह माहौल दिखाई दे रहा है, जब भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके ओमानी को-पायलट के कथित हमले के बाद विमान के भीतर अफरा-तफरी मच गई थी। यात्रियों और क्रू के सदस्य कॉकपिट के आसपास जमा नजर आते हैं और लोगों को एक-दूसरे को शांत रहने तथा हमलावर को बाहर निकालने के लिए कहते सुना जा सकता है। रिपोर्टों के मुताबिक, उड़ान के दौरान कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच गंभीर झड़प हुई। इसी दौरान कैप्टन मच्छार घायल हो गए और विमान कुछ ही समय में अपनी ऊंचाई से हजारों फीट नीचे आ गया। विमान ने आपात स्थिति का संकेत दिया और बाद में उसे सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया। इजरायली मीडिया में प्रसारित फुटेज में यात्री कॉकपिट के पास खड़े दिखाई देते हैं। इस दौरान एक व्यक्ति लोगों से शांत रहने और कॉकपिट से हमलावर को बाहर निकालने की बात कहता सुनाई देता है। केबिन में मौजूद लोगों से बैठने के लिए भी कहा जाता है। इसी बीच क्रू का एक सदस्य बार-बार पूछता है कि क्या विमान में कोई डॉक्टर मौजूद है। कुछ देर बाद इजरायल के डेंटिस्ट डॉ. शोता मुसायेव कैप्टन की मदद के लिए आगे आते हैं। वीडियो में कॉकपिट के अंदर का पूरा दृश्य साफ दिखाई नहीं देता, लेकिन बाहर मौजूद लोगों की बातचीत से घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। रिपोर्टों के मुताबिक, यात्रियों ने हमलावर को काबू करने में मदद की और बाद में दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान को संभालने में भूमिका निभाई। घटना के बाद सामने आई जानकारी के मुताबिक, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद यात्रियों और क्रू को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने का मौका मिला। यही घटनाक्रम इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण कड़ियों में से एक माना जा रहा है। वीडियो में कैप्टन मच्छार को विमान के फर्श पर घायल हालत में देखा जा सकता है। वह अपने साथ हुई घटना के बारे में बताते नजर आते हैं। बाद में सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर मेडिकल टीम ने उनका उपचार किया। रिपोर्टों के मुताबिक, कैप्टन को गंभीर चोटें आई थीं, लेकिन उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है। फुटेज में यात्रियों और क्रू को पुलिस बुलाने की मांग करते भी सुना जा सकता है। लोग इस बात पर जोर देते दिखाई देते हैं कि कथित हमलावर को पुलिस के पहुंचने तक विमान में ही रखा जाए। वीडियो में एक व्यक्ति घुटनों के बल बैठे और हाथ पीछे की ओर किए हुए दिखाई देता है, जबकि आसपास क्रू सदस्य मौजूद हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद विमान को तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया। वहां सऊदी अधिकारियों ने दोनों पायलटों को मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई और कथित हमलावर को हिरासत में लिया गया। बाद में मामले की जांच के सिलसिले में उसे संयुक्त अरब अमीरात ले जाया गया।

आतंकी साजिश थी या कुछ और? जांच में कई सवाल
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर को-पायलट ने अपने ही कप्तान पर हमला क्यों किया और क्या उसका मकसद विमान को दुर्घटनाग्रस्त करना था। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि को-पायलट कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा से प्रभावित था और उसने विमान को गिराने की कोशिश की हो सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जांच के इस चरण में अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा रहा है। संयुक्त अरब अमीरात ने मामले की जांच शुरू की है और यह पता लगाया जा रहा है कि घटना का आतंकवाद से कोई संबंध था या नहीं, क्या पहले से इसकी योजना बनाई गई थी और क्या इसमें कोई अन्य व्यक्ति शामिल था। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि विमान को वास्तव में दुर्घटनाग्रस्त करने का इरादा था या घटना के पीछे कोई दूसरा मकसद था।

पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित से की फोन पर बात
इस बीच भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन से फोन पर बातचीत की और घटना के दौरान उनके अनुभव के बारे में जानकारी ली। पीएम मोदी ने उनकी बहादुरी की सराहना करते हुए जल्द स्वस्थ होने की कामना की। भारतीय कैप्टन की भूमिका को लेकर इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू समेत कई नेताओं ने सार्वजनिक रूप से उनकी प्रशंसा की है। गुजरात सरकार ने भी स्मित मच्छार को ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ देने की घोषणा की है।

एक उड़ान, कुछ मिनट और टल गई बड़ी त्रासदी
FZ1073 की यह घटना अब विमानन सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े कर रही है। विमान के भीतर ही कॉकपिट में मौजूद एक व्यक्ति द्वारा दूसरे पायलट पर हमला किए जाने से यह मामला सामान्य सुरक्षा खतरे से अलग हो जाता है। जांच एजेंसियां अब कॉकपिट में हुई पूरी घटना, विमान के अचानक नीचे आने की वजह, चालक दल की प्रतिक्रिया, यात्रियों की भूमिका और को-पायलट के कथित मकसद समेत तमाम पहलुओं की जांच कर रही हैं। फिलहाल सबसे अहम तथ्य यही है कि विमान सुरक्षित रूप से तबुक पहुंच गया और उसमें सवार लोगों की जान बच गई। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार द्वारा कॉकपिट का दरवाजा खोलना और उसके बाद यात्रियों तथा क्रू का तेजी से प्रतिक्रिया देना इस पूरे घटनाक्रम का निर्णायक हिस्सा रहा। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस घटना के पीछे वास्तविक मकसद क्या था और क्या इसे आतंकवादी हमले की श्रेणी में रखा जाएगा।