ड्रेनेज सिस्टम और नालों की निगरानी तेज: शहरों में जलभराव रोकने के लिए एक्शन

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उत्तराखंड में मॉनसून के रौद्र रूप को देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 48 घंटों के लिए बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। राज्य के कई हिस्सों में आज (20 जुलाई) भारी से बहुत भारी और कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। मौसम विभाग ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए कुमाऊं मंडल के तीन प्रमुख जिलों नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है।

इसके साथ ही राजधानी देहरादून समेत राज्य के सात अन्य जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी कर प्रशासन और आम जनता को अत्यधिक सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, यह आसमानी आफत आज ही नहीं थमेगी,20 जुलाई को रेड अलर्ट के बाद 21 जुलाई को भी पूरे प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट प्रभावी रहेगा। मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, जिन जिलों में मध्यम से भारी बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है, उनमें देहरादून, हरिद्वार,टिहरी,पौड़ी गढ़वाल,उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर शामिल हैं।  इस अवधि के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, संवेदनशील रास्तों के बंद होने, निचले इलाकों में भारी जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में अचानक तीव्र वृद्धि होने की प्रबल आशंका जताई गई है। मौसम की भयानक चेतावनी को देखते हुए सभी प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों ने प्रशासनिक अमले को हाई अलर्ट पर डाल दिया है। आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्रों को छोड़कर कहीं बाहर न जाएं और लगातार धरातल पर स्थिति पर नजर बनाए रखें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भूस्खलन और जलभराव की दृष्टि से जितने भी डेंजर जोन या संवेदनशील स्थान चिन्हित हैं, वहां जेसीबी मशीनें, राहत एवं बचाव उपकरण, आवश्यक मैनपावर और अन्य जरूरी संसाधन पहले से तैनात  कर दिए जाएं। इसका उद्देश्य यह है कि किसी भी आपात स्थिति या रास्ता बंद होने की सूरत में बिना एक पल गंवाए तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन और सड़क खोलने का काम शुरू किया जा सके। जिलाधिकारी ने सभी सरकारी विभागों को आपसी तालमेल और तालमेल के साथ काम करने के लिए कहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि  किसी भी प्रकार की आपदा, सड़क टूटने या अप्रिय घटना की सूचना तत्काल जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को दी जाए। सभी विभाग बिना किसी देरी के हालात की पल-पल की रिपोर्ट साझा करें। त्वरित सूचना तंत्र के माध्यम से जन-धन के नुकसान को न्यूनतम स्तर पर लाया जाए। शासन और जिला प्रशासन ने आम नागरिकों और देवभूमि आने वाले पर्यटकों से भी मौसम विभाग की चेतावनियों को पूरी गंभीरता से लेने की अपील की है। खराब मौसम के दौरान लोग अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। विशेष रूप से नदियों, बरसाती नालों, भूस्खलन संभावित पहाड़ी क्षेत्रों और अन्य जोखिम वाले स्थानों के करीब जाने से पूरी तरह बचें। जिला प्रशासन की ओर से समय-समय पर जारी होने वाले दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करें, ताकि किसी भी संभावित आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्य प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकें।