उत्तराखंड राज्य में मंडी समिति के अधिकार क्षेत्र में काम करने वाले खुदरा विक्रेताओं के लिए नए लाइसेंस नियम

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बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाने और आम जनता को उचित मूल्य पर फल व सब्जियां उपलब्ध कराने के लिए उत्तराखंड सरकार ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कड़े निर्देशों के बाद उत्तराखंड मंडी परिषद ने प्रदेशभर की मंडियों में रिटेल काउंटर खोलने का निर्णय लिया है। हल्द्वानी स्थित मंडी परिषद मुख्यालय में अध्यक्ष डॉ. अनिल कपूर डब्बू की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में तय किया गया कि प्रत्येक मंडी समिति परिसर में पांच बड़े रिटेलर काउंटर स्थापित किए जाएंगे। इन काउंटरों के माध्यम से उपभोक्ताओं को फल, सब्जियां और दैनिक उपयोग की अन्य वस्तुएं सीधे थोक भाव के करीब (उचित दरों पर) मिल सकेंगी। इसके साथ ही, दूरस्थ क्षेत्रों और मोहल्लों तक सस्ती सामग्री पहुँचाने के लिए मोबाइल वैन का संचालन भी किया जाएगा। डॉ. डब्बू ने कहा, "हमारा लक्ष्य बिचौलियों के मुनाफे को कम कर सीधा लाभ जनता तक पहुँचाना है।"

बाजार में मनमानी कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए हर मंडी सचिव को प्रतिदिन तीन सदस्यीय 'सचल दल' (फ्लाइंग स्क्वाड) गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह दल नियमित रूप से खुदरा बाजारों का भ्रमण करेगा और रेट लिस्ट की जांच करेगा। प्रतिदिन की रिपोर्ट बोर्ड मुख्यालय को भेजी जाएगी। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के दौरान यदि कोई व्यापारी निर्धारित दरों से अधिक वसूली करता पाया गया, तो उसका लाइसेंस निरस्त करने के साथ ही तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एक ओर जहाँ महंगाई को लेकर रणनीति बनी, वहीं दूसरी ओर मंडी के सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया। वेतन और पीएफ का भुगतान न होने से नाराज कर्मचारियों ने बुधवार को कार्य बहिष्कार किया। कर्मचारियों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा न तो समय पर वेतन दिया जा रहा है और न ही पीएफ की कटौती की जा रही है। इस मामले का संज्ञान लेते हुए अध्यक्ष डॉ. अनिल कपूर डब्बू ने ठेकेदार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। वहीं सचिव दिग्विजय सिंह देव ने बताया कि कर्मचारियों का ज्ञापन निदेशालय भेज दिया गया है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे तक भुगतान नहीं हुआ, तो आंदोलन उग्र किया जाएगा। मंडी में सुरक्षा के लिहाज से लगाए जा रहे बूम बैरियर का व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया है। आलू-फल आढ़ती व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष कैलाश जोशी ने सचिव को ज्ञापन सौंपकर कहा कि सीजन के दौरान वाहनों के दबाव से जाम की स्थिति पैदा होगी। हालांकि, मंडी अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि मंडी में हुए पिछले दोहरे हत्याकांड को देखते हुए पुलिस प्रशासन की सलाह पर सीसीटीवी और बूम बैरियर लगाने का फैसला सुरक्षा कारणों से लिया गया है।