देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड के बीच का अटूट रिश्ता एक बार फिर दुनिया के सामने होगा। मंगलवार को प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी 28वीं बार देवभूमि की पावन धरा पर कदम रखेंगे। उनका यह दौरा केवल औपचारिक नहीं, बल्कि उत्तराखंड के विकास को नई ऊंचाई देने वाला 'महा-उत्सव' बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री इस यात्रा के दौरान राज्य को 11,963 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की ऐतिहासिक सौगात देंगे, जिसमें दिल्ली-दून एलिवेटेड एक्सप्रेस-वे का बहुप्रतीक्षित लोकार्पण भी शामिल है।
प्रधानमंत्री के इस दौरे का सबसे बड़ा आकर्षण 213 किमी लंबा दून-दिल्ली एलिवेटेड एक्सप्रेस-वे है। लगभग 11,963 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह एक्सप्रेस-वे न केवल यात्रा के समय को आधा कर देगा, बल्कि पर्यटन और रोजगार के नए द्वार भी खोलेगा। इसके साथ ही, पीएम मोदी देश के पहले एक हजार मेगावाट क्षमता वाले वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज संयंत्र का भी लोकार्पण करेंगे, जो ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की एक नई तस्वीर पेश करेगा। प्रधानमंत्री मोदी के लिए उत्तराखंड केवल एक राजनीतिक गंतव्य नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के शब्दों में, "प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से कर्म और मर्म का रिश्ता है।" प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी अब तक 5 बार बाबा केदार के दर पर मत्था टेक चुके हैं। उन्होंने बदरीनाथ धाम और मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा का दौरा कर दुनिया को 'विंटर चारधाम यात्रा' का संदेश दिया है। उनके मार्गदर्शन में राज्य में दो लाख करोड़ से अधिक की विकास योजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। पिछले कुछ वर्षों में मोदी सरकार ने उत्तराखंड की भौगोलिक चुनौतियों को विकास के अवसर में बदला है। आज 'डबल इंजन' सरकार के प्रयासों से चारधाम ऑलवेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, और हेमकुंट साहिब रोपवे जैसे ड्रीम प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम हो रहा है। इन परियोजनाओं ने न केवल स्थानीय लोगों का जीवन सुगम बनाया है, बल्कि तीर्थाटन को भी सुरक्षित किया है। प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए राजधानी देहरादून से लेकर सीमावर्ती जिलों तक भारी उत्साह है। प्रदेश सरकार इस समारोह को यादगार बनाने के लिए दिन-रात जुटी हुई है। मुख्यमंत्री धामी स्वयं तैयारियों की कमान संभाल रहे हैं। स्थानीय जनता अपने 'प्रिय नेता' की एक झलक पाने और उनके विजन को सुनने के लिए उत्साहित है। कल का दिन उत्तराखंड के विकास इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होने जा रहा है।

