देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम का मिजाज काफी सख्त होने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 25 सितंबर से 1 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में रुक-रुक कर झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम की इस गंभीर स्थिति को देखते हुए विभाग ने राज्य में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही हिमालयी क्षेत्रों में 4000 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। प्रशासन और पुलिस ने सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रखते हुए लोगों को बेवजह यात्रा न करने की हिदायत दी है।
मानसून की विदाई से पहले उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग ने 25 से 28 सितंबर के बीच प्रदेश में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 25 सितंबर को उत्तराखंड में भारी बारिश की संभावना है, जबकि 26 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश और 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। 28 सितंबर को भी भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार 25 सितंबर को खासकर कुमाऊं क्षेत्र में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी कहीं-कहीं हल्की बारिश और गर्जन के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। 26 सितंबर को मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है और इस दिन अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। 27 सितंबर को भी कई स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि 28 सितंबर को भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। देहरादून के लिए मौसम विभाग के सात दिवसीय पूर्वानुमान में 26 से 28 सितंबर के बीच बादल छाए रहने और बारिश या गरज के साथ बौछारों की संभावना जताई गई है। 27 सितंबर को बारिश के कुछ दौर पड़ सकते हैं। बारिश के साथ ही प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम का दूसरा रंग भी देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 25 से 28 सितंबर के बीच करीब 4000 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पहले भी बर्फबारी दर्ज की जा चुकी है। इस बदलाव का असर चारधाम और अन्य ऊंचाई वाले पर्यटन एवं तीर्थ क्षेत्रों की यात्रा पर भी पड़ सकता है। मौसम विभाग के चारधाम सेक्टर पूर्वानुमान में फिलहाल कई मार्गों पर हल्की बारिश की संभावना दर्ज की गई है, इसलिए यात्रियों को ताजा मौसम अपडेट लेते रहने की सलाह दी गई है। 29 सितंबर से मौसम में कुछ सुधार के संकेत हैं। मौसम विभाग के मौजूदा उपखंडीय पूर्वानुमान में 29 सितंबर से उत्तराखंड के लिए कोई चेतावनी नहीं दिखाई गई है। 30 सितंबर और एक अक्टूबर के लिए भी वर्तमान चेतावनी तालिका में कोई अलर्ट नहीं है। हालांकि स्थानीय स्तर पर बारिश की संभावना पूरी तरह समाप्त नहीं मानी जा सकती और मौसम की स्थिति के अनुसार पूर्वानुमान में बदलाव संभव है। भारी बारिश के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और सड़कें अवरुद्ध होने का खतरा बढ़ सकता है। लगातार बारिश से नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ने के साथ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। संवेदनशील स्थानों पर फ्लैश फ्लड की आशंका भी बनी रहती है। बारिश के दौरान बिजली गिरने, पेड़ और कमजोर ढांचों के क्षतिग्रस्त होने तथा बिजली-पानी जैसी सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। पर्वतीय मार्गों पर फिसलन और कम दृश्यता के कारण वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी। मौसम खराब होने की स्थिति में लोगों से नदी-नालों और निचले इलाकों के पास जाने से बचने को कहा गया है। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचना और स्थानीय प्रशासन व मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखना जरूरी होगा। चारधाम या अन्य पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की विदाई नजदीक है, लेकिन उससे पहले सितंबर के आखिरी दिनों में बारिश का यह दौर उत्तराखंड के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। ऐसे में पहाड़ से मैदान तक लोगों को अगले कुछ दिनों के मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।

