देहरादून। सैकड़ों रियासतों को एक धागे में पिरोकर अखंड भारत का निर्माण करने वाले लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती (राष्ट्रीय एकता दिवस) पर 31 अक्टूबर को उत्तराखंड पुलिस प्रदेशभर में भव्य व व्यापक कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। गुजरात के एकता नगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित होने वाली भव्य ‘एकता परेड-2026’ का इस बार उत्तराखंड के सभी पुलिस थानों में सीधा प्रसारण किया जाएगा।
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर उत्तराखंड पुलिस ने प्रदेशभर में व्यापक आयोजन की तैयारी की है। 31 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जनपदों की पुलिस लाइन में परेड आयोजित की जाएगी, जबकि पुलिसकर्मियों को राष्ट्रीय एकता, अखंडता और संप्रभुता की शपथ दिलाई जाएगी। इस बार आयोजन का खास आकर्षण गुजरात के एकता नगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में होने वाली ‘एकता परेड-2026’ का प्रदेश के सभी पुलिस थानों में सीधा प्रसारण होगा। इसके माध्यम से पहाड़ से लेकर तराई तक राष्ट्रीय एकता का संदेश पहुंचाने की तैयारी है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, प्रधानमंत्री के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेश के सभी जनपदों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें स्थानीय नागरिकों, प्रबुद्धजनों, स्कूली छात्र-छात्राओं, युवाओं और सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अलग-अलग जनपदों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये अधिकारी अपने आवंटित जनपदों में पहुंचकर कार्यक्रमों में शामिल होंगे और आयोजन की निगरानी करेंगे। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के अनुसार, 31 अक्टूबर को शाम 5:30 बजे प्रदेश के सभी पुलिस थानों में एकता नगर में आयोजित ‘एकता परेड-2026’ का सीधा प्रसारण किया जाएगा। इस दौरान आम नागरिकों, विद्यार्थियों और युवाओं को भी कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय एकता के संदेश को केवल सरकारी आयोजन तक सीमित न रखकर समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है। सीधा प्रसारण समाप्त होने के बाद थानों में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित होंगे। इनमें पुलिस और आमजन के बीच विश्वास, सहयोग और बेहतर तालमेल स्थापित करने पर चर्चा की जाएगी। साथ ही सामाजिक सद्भाव, राष्ट्रीय एकता और नागरिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर रहेगा। राष्ट्रीय एकता दिवस के कार्यक्रमों में केवल राष्ट्र की एकता और अखंडता का संदेश ही नहीं दिया जाएगा, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता मिलेगी। पुलिसकर्मी साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी और नशे के दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को जागरूक करेंगे। पुलिस का प्रयास है कि नागरिकों को डिजिटल ठगी से बचने के उपायों की जानकारी मिले और युवा नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित हों। पुलिस लाइन में आयोजित परेड के बाद पुलिसकर्मियों के सम्मेलन भी होंगे। इनमें आपसी समन्वय, बेहतर कार्यप्रणाली और जनसेवा से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। देहरादून में एडीजी वी. मुरुगेशन और आईजी रिधिम अग्रवाल, नैनीताल में एडीजी ए.पी. अंशुमान, हरिद्वार में आईजी विम्मी सचदेवा और ऊधमसिंह नगर में आईजी कृष्ण कुमार वी.के. को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पौड़ी में आईजी नीलेश आनंद भरणे, टिहरी में आईजी राजीव स्वरूप, अल्मोड़ा में आईजी अनंत शंकर ताकवाले, उत्तरकाशी में आईजी सुनील कुमार मीणा और चम्पावत में आईजी योगेंद्र सिंह रावत कार्यक्रमों में शामिल होंगे। रुद्रप्रयाग में आईजी बरिंदरजीत सिंह, चमोली में डीआईजी धीरेन्द्र गुंज्याल और पिथौरागढ़ में डीआईजी यशवंत सिंह को जिम्मेदारी दी गई है। डीजीपी दीपम सेठ ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस का लक्ष्य राष्ट्रीय एकता, अखंडता और संप्रभुता का संदेश दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों से लेकर सीमावर्ती तराई तक पहुंचाना है। इन आयोजनों के जरिए पुलिस और जनता के बीच विश्वास मजबूत करने के साथ सामाजिक समरसता और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को बढ़ावा दिया जाएगा।

