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राहुल गांधी के काफिले की टक्कर के बाद पुलिस और प्रशासन ने संभाली स्थिति

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के काफिले के पीछे चल रही गाड़ियां आपस में टकरा गईं। हादसा उस वक्त हुआ, जब राहुल गांधी लखनऊ से सुल्तानपुर की ओर जा रहे थे। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक दुर्घटना में काफिले में शामिल पांच गाड़ियां और एक एम्बुलेंस क्षतिग्रस्त हुई हैं। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई गंभीर हताहत नहीं हुआ, हालांकि कुछ लोगों को हल्की चोटें आने की सूचना है। घटना के बाद मौके पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी सुबह करीब 7 बजे लखनऊ स्थित आवास से सड़क मार्ग द्वारा सुलतानपुर के लिए रवाना हुए थे। यात्रा के दौरान पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हलियापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत माइलस्टोन 90 के पास काफिले के पिछले हिस्से में अचानक पीछे से एक वाहन की टक्कर लगी। इसके बाद एक के बाद एक गाड़ियां आपस में भिड़ती चली गईं। सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत स्थिति को संभाला और मामूली रूप से चोटिल लोगों को प्राथमिक उपचार देने के साथ ही यातायात को सुचारू कराया। इसके बाद काफिला सुरक्षित रूप से आगे के गंतव्य के लिए रवाना हो गया।

दरअसल, सुलतानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत वर्ष 2018 के एक चर्चित आपराधिक मानहानि मामले में अपना फैसला सुनाने वाली है। इसी फैसले के समय अदालत में मौजूदगी दर्ज कराने के लिए राहुल गांधी सुलतानपुर पहुंच रहे हैं। यह पूरा विवाद वर्ष 2018 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान का है। उस वक्त राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सुलतानपुर के स्थानीय भाजपा नेता विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को मानहानि का परिवाद (केस) दायर किया था। शिकायतकर्ता का तर्क था कि राहुल गांधी के बयान से पार्टी नेतृत्व और अमित शाह की सामाजिक व राजनीतिक छवि को आघात पहुंचा है। इस मामले में लंबी कानूनी प्रक्रिया चली। करीब छह साल बाद, 20 फरवरी 2024 को राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान सुलतानपुर की अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए थे। तब अदालत ने उन्हें 25-25 हजार रुपये के दो मुचलकों पर जमानत दे दी थी। सुनवाई के दौरान राहुल गांधी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताते हुए खुद को पूरी तरह निर्दोष करार दिया था। गवाहों के बयान, साक्ष्यों के परीक्षण और दोनों पक्षों के वकीलों की अंतिम जिरह पूरी होने के बाद विशेष अदालत ने फैसले के लिए 26 अक्टूबर की तारीख तय की थी। आठ साल से चल रहे इस हाई-प्रोफाइल मामले में आज आने वाले फैसले पर न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देशभर के राजनीतिक विश्लेषकों की निगाहें टिकी हुई हैं।