हरिद्वार। आगामी कुंभ मेले में देश-विदेश से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। विशाल जनसमूह, स्नान पर्वों पर उमड़ने वाली भीड़ और संभावित आपातकालीन परिस्थितियों को देखते हुए हरिद्वार में 45 अस्थायी अस्पताल स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही करीब 1800 स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की जाएगी, जबकि छह निजी चिकित्सालयों को भी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पैनल में शामिल किया जाएगा। कुंभ मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने की योजना बनाई जा रही है। विभाग का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को जरूरत पड़ने पर समय पर उपचार मिले और गंभीर परिस्थितियों में चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में देरी न हो। कुंभ मेला अधिकारी स्वास्थ्य डॉ. मनीष दत्त के अनुसार, मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। इसके लिए अलग-अलग क्षमता वाले अस्थायी अस्पताल बनाए जाएंगे, ताकि भीड़ वाले क्षेत्रों में भी चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। स्वास्थ्य विभाग की योजना के अनुसार, बैरागी कैंप और चंडीपुल के नीचे गौरी शंकर क्षेत्र में 50-50 बिस्तरों की क्षमता वाले दो अस्थायी अस्पताल स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा रोड़ी बेलवाला और पंतद्वीप क्षेत्र में 40-40 बिस्तरों की क्षमता वाले दो अस्पताल बनाए जाएंगे। इन अस्पतालों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को उनके नजदीक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। कुंभ के दौरान भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अचानक तबीयत बिगड़ने, चोट लगने अथवा अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की स्थिति में तत्काल उपचार की जरूरत पड़ती है। ऐसे में अस्थायी अस्पतालों की व्यवस्था महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। कुंभ मेले में चिकित्सा व्यवस्था संभालने के लिए लगभग 1800 स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती प्रस्तावित है। इसके साथ छह निजी चिकित्सालयों को भी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पैनल में शामिल किया जाएगा। सरकारी और निजी चिकित्सा संसाधनों के समन्वय से श्रद्धालुओं को उपचार उपलब्ध कराने की योजना है। हालांकि, इतने बड़े आयोजन में अस्पतालों की संख्या और स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती के साथ पर्याप्त दवाओं, जांच सुविधाओं, एंबुलेंस, प्रशिक्षित आपातकालीन दल और गंभीर मरीजों को बड़े अस्पतालों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी अहम होगी। भीड़ के चरम समय में इन संसाधनों की उपलब्धता और त्वरित प्रतिक्रिया चिकित्सा व्यवस्था की प्रभावशीलता तय करेगी।
कुंभ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में स्वास्थ्य सेवाओं की सफलता केवल अस्पताल बनाने तक सीमित नहीं रहती। इसके लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों की उपलब्धता, अस्पतालों में पर्याप्त उपकरण, साफ-सफाई, पेयजल और आपातकालीन परिवहन की व्यवस्था भी आवश्यक है। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि अस्थायी अस्पताल समय पर तैयार हों और श्रद्धालुओं की जरूरतों के अनुरूप संचालित किए जा सकें। 45 अस्थायी अस्पतालों, लगभग 1800 स्वास्थ्यकर्मियों और छह निजी चिकित्सालयों को शामिल करने की योजना से स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। अब महत्वपूर्ण यह होगा कि इन तैयारियों को निर्धारित समय पर पूरा किया जाए और मेले के दौरान किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए व्यवस्था प्रभावी बनी रहे। कुंभ में उमड़ने वाली आस्था की भीड़ के बीच श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोपरि रहेंगे। अस्पतालों की उपलब्धता, समय पर उपचार और आपातकालीन सेवाओं की तत्परता ही स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों की वास्तविक परीक्षा होगी। पतंजलि विश्वविद्यालय की ओर से बहादराबाद क्षेत्र के पांच गांवों में आयोजित चार दिवसीय निशुल्क योग शिविरों का रविवार को यज्ञ, मंत्रोच्चार और सामूहिक संकल्प के साथ समापन हुआ। शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को योग, प्राणायाम, एक्यूप्रेशर और आयुर्वेद के प्रति जागरूक किया गया। विश्वविद्यालय की प्रति-कुलपति साध्वी डॉ. देवप्रिया की प्रेरणा और स्वामी आर्षदेव के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर खेड़ली के आदर्श इंटर कॉलेज, बहादराबाद की वात्सल्य वाटिका, अहमदपुर के नए पंचायत भवन, बोंगला के आर्य इंटर कॉलेज और रुहालकी के आर्य समाज मंदिर में लगाए गए। आयोजन का उद्देश्य भारतीय ऋषि परंपरा के ज्ञान को जनसामान्य तक पहुंचाना और नियमित योगाभ्यास के प्रति प्रेरित करना रहा। शिविरों के दौरान ग्रामीणों को शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और सकारात्मक जीवनशैली के महत्व की जानकारी दी गई। कार्यक्रमों का संचालन प्रियंका, शिवांशी, आईना, ईश्वरी, भक्ति, स्नेहा, अभिषेक, जतिन, अनन्या और हरि ने अपनी-अपनी टीमों के साथ किया। एचईसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के बीकॉम, बीकॉम ऑनर्स और बीसीए प्रथम सेमेस्टर के 57 विद्यार्थियों ने पदार्था स्थित पतंजलि फूड एंड हर्बल लिमिटेड का शैक्षणिक औद्योगिक भ्रमण किया। वहीं, बीबीए के विद्यार्थियों ने सिडकुल स्थित आईटीसी कंपनी पहुंचकर उत्पादन, पैकेजिंग और छपाई की प्रक्रियाओं को समझा। पतंजलि में कंपनी के पर्यवेक्षक शत्रुघ्न ने विद्यार्थियों को आंवला कैंडी, एलोवेरा जूस संयंत्र और व्यक्तिगत देखभाल उत्पादों से जुड़ी इकाइयों का भ्रमण कराया। इस दौरान शिक्षिका रश्मि सक्सेना, रीना पेटवाल और स्पर्श सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे। आईटीसी में मानव संसाधन अधिकारी रोशन राणा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से उत्पादन प्रक्रिया की जानकारी दी। इसके बाद मानव संसाधन सहयोगी विदूषी और गुणवत्ता प्रबंधक सुधांशु कपिल ने विद्यार्थियों को पैकेजिंग एवं छपाई इकाई का भ्रमण कराया। इस शैक्षणिक गतिविधि का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त ज्ञान के साथ औद्योगिक कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव देना था।

