देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को उनके शासकीय आवास पर 'स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति, हरिद्वार' के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। समिति के राष्ट्रीय महासचिव जितेंद्र रघुवंशी के नेतृत्व में आए इस प्रतिनिधिमंडल ने स्वतंत्रता सेनानियों और उनके आश्रित परिवारों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं, मांगों और कल्याणकारी विषयों से मुख्यमंत्री को विस्तार से अवगत कराया।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और उनके उत्तराधिकारी परिवारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति, हरिद्वार के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। शासकीय आवास पर हुई इस शिष्टाचार भेंट में समिति के राष्ट्रीय महासचिव जितेंद्र रघुवंशी के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने स्वतंत्रता सेनानियों एवं उनके आश्रित परिवारों की समस्याओं और विभिन्न मांगों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि जायज प्रकरणों का नियमों के अनुरूप प्राथमिकता से परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देश की आजादी के लिए स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना जीवन और सर्वस्व न्योछावर किया। उनके संघर्ष, त्याग और बलिदान की बदौलत ही आज देशवासी स्वतंत्र भारत में स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ जीवन जी रहे हैं। ऐसे महान नायकों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिवारों के सम्मान एवं कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है। सरकार की ओर से स्वतंत्रता सेनानी सम्मान पेंशन की व्यवस्था के साथ ही उनके आश्रित परिवारों के हितों का भी ध्यान रखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृतियों और उनके योगदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर स्मारकों और अन्य सम्मानजनक पहलों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि नई पीढ़ी देश की आजादी के लिए किए गए संघर्ष और बलिदान से परिचित हो सके। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड वीरभूमि है और स्वतंत्रता आंदोलन में प्रदेश के अनेक सेनानियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन सेनानियों का योगदान केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जनमानस में भी सदैव जीवंत रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की ओर से रखे गए विषयों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी एवं उनके उत्तराधिकारी परिवारों से जुड़े प्राप्त प्रकरणों का नियमों के तहत परीक्षण किया जाए और जिन मामलों में नियमानुसार समाधान संभव है, उनमें प्राथमिकता से उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के सम्मान और हितों के प्रति राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। मुलाकात के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत को संरक्षित रखने, उनके परिवारों की समस्याओं के समाधान और उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर विशेष जोर रहा। सरकार के इस रुख से स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को उम्मीद जगी है कि लंबे समय से लंबित अथवा विचाराधीन उनके जायज मामलों का नियमानुसार परीक्षण कर समाधान की दिशा में आगे कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने भी स्पष्ट किया कि राष्ट्र की स्वतंत्रता में योगदान देने वाले परिवारों के सम्मान और कल्याण के लिए सरकार संवेदनशीलता के साथ कार्य करती रहेगी।

