देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 14 अप्रैल को प्रस्तावित उत्तराखंड दौरे ने राज्य के सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुँचा दिया है। एक ओर जहाँ भाजपा प्रधानमंत्री के रोड शो और दौरे को लेकर भव्य तैयारियों में जुटी है, वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के सामने 10 सवालों की फेहरिस्त रख दी है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने प्रेस वार्ता कर प्रधानमंत्री से इन ज्वलंत मुद्दों पर उत्तराखंड की जनता को स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
कांग्रेस ने सबसे बड़ा हमला अंकिता भंडारी मर्डर केस को लेकर किया है। गणेश गोदियाल ने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री कई बार उत्तराखंड आ चुके हैं, लेकिन उन्होंने एक बार भी अंकिता का नाम नहीं लिया। उन्होंने पूछा कि उस 'वीआईपी' का नाम कब सामने आएगा जिसकी भागीदारी के आरोप लग रहे हैं? साथ ही, सीबीआई जांच के आश्वासन के बावजूद महीनों बाद भी स्थिति स्पष्ट न होने पर सरकार को घेरा। प्रधानमंत्री के 2017 के प्रसिद्ध बयान "पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी" पर तंज कसते हुए गोदियाल ने कहा कि हकीकत इसके उलट है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य का युवा नशाखोरी की चपेट में है और भर्ती घोटालों व पेपर लीक की घटनाओं ने उत्तराखंड को देशभर में बदनाम कर दिया है। उन्होंने सवाल किया कि युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के पास क्या ठोस योजना है? प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य की प्राथमिक शिक्षा और राजस्व नीति पर भी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी के कार्यकाल में एक तरफ 826 सरकारी स्कूल बंद हो गए हैं, वहीं दूसरी तरफ पहाड़ के शांत वातावरण में 55 नई शराब की दुकानें खोल दी गई हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या राजस्व बढ़ाने के लिए सरकार के पास शराब और खनन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है? कांग्रेस ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि उत्तराखंड को 'नंबर वन' राज्य बनाने का वादा किया गया था, लेकिन आज यह हिमालयी राज्यों में महिला अपराध के मामले में शीर्ष पर पहुँच गया है। इसके अलावा उपनल कर्मियों के नियमितीकरण, मानव-वन्यजीव संघर्ष और घरेलू गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर भी कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से जवाब माँगा है। कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री को केवल रोड शो तक सीमित न रहकर इन बुनियादी सवालों पर जनता को आश्वासन देना चाहिए।

